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एन्क्रिप्टेड चैट की निगरानी करने के GCHQ योजना के विरोध में दुनियाभर की 47 कंपनियों ने एक साथ आवाज उठाई है। इन कंपनियों ने एक ओपन लेटर पर साइन किया है जिसमें एजेंसी के इस कदम की निंदा की है। साथ ही योजना को छोड़ने का भी आग्रह किया है। ऐसा इसलिए क्योंकि अगर यूजर की एन्क्रिप्टेड चैट की निगरानी की गई तो उनकी स्वतंत्रता और नागरिक अधिकारों की सुरक्षा में खलल पड़ सकती है। इन 47 कंपनियों में Apple, Google, Microsoft और WhatsApp जैसी कंपनियां भी शामिल है। ये कंपनियां इस प्रस्ताव की कड़ी निंदा कर रही हैं।

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एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इस निगरानी योजना का प्लान नवंबर 2018 में यूके के दो साइबर सिक्योरिटी अधिकारियों इयान लेवी और क्रिस्पिन रॉबिन्सन निबंधों की एक श्रृंखला में प्रकाशित किया था। इसमें उन्होंने एक उदाहरण देते हुए एक सुझाव दिया था कि WhatsApp में एक तीसरे पार्टिसिपेंट को भी जोड़ा जाए। इस तीसरे पार्टिसिपेंट को हमेशा मैसेज भेजने वाले और मैसेज रिसीव करने वाले के मैसेज रिसीव होंगे। हालांकि, यह तरीका किसी पर निगरानी रखने वाला है।

हालांकि, यह सब सिर्फ प्रस्ताव है। GCHQ ऐसा कुछ भी प्लान नहीं कर रहा है। वहीं, नेशनल साइबर सिक्योरिटी सेंटर के Ian Levy ने ओपन लेटर पर जवाब देते हुए कहा है कि वो कंपनियों की तरफ आए प्रस्ताव का स्वागत करते हैं। यह केवल बातचीत की शुरुआत है। उन्होंने कहा है कि हम सभी पार्टियों से बात कर इस पर कोई निष्कर्ष निकालेंगे।

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