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स्मार्टफोन का इस्तेमाल केवल कॉल करने या सुनने के लिए नहीं होता है। इन दिनों स्मार्टफोन का इस्तेमाल इंटरनेट ब्राउसिंग से लेकर ऐप बेस्ड ट्रांजेक्शन, बैंकिंग, सोशल मीडिया सर्फिंग जैसे कामों के लिए भी किया जाता है। पिछले एक दशक में तकनीक ने लोगों के जीवन को जितना सरल बनाया है उतना ही इस तकनीक से होने वाले साइबर अटैक की तीव्रता भी बढ़ी है। साइबर अटैक की वजह से कई बार लोगों को निजी डाटा के साथ ही बैंक अकाउंट हैक हुए हैं, साथ ही बैंकिंग में चपत भी लगा है।

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इस तरह की समस्या से बचने के लिए आपने अपने लैपटॉप, स्मार्टफोन या टैबलेट में वीपीएन और सिक्योरिटी सॉफ्टवेयर इंस्टॉल जरूर किया होगा। यदि आप चाहते हैं कि वे आपकी डिवाइस का ख्याल रखें, तो आपको उनका भी ख्याल रखना होगा। आप इस तरह अपनी डिवाइस और सिक्योरिटी को दुरुस्त रख सकते हैं। आज हम आपको अपने स्मार्टफोन या अन्य डिवाइस को इस तरह के साइबर अटैक से बचने से लिए कुछ टिप्स देने जा रहे हैं।

एंटी वायरस को करें अपडेट

एंड्रॉइड स्मार्टफोन हो या फिर पीसी या लैपटॉप, आपने अपने डिवाइस की सिक्युरिटी के लिए एंटी वायरस जरूर इंस्टॉल किया होगा। सिर्फ एंटी वायरस इंस्टॉल करने से ही आपका डिवाइस या नेटवर्क सिक्योर नहीं होता है, आपको सिस्टम या डिवाइस में इंस्टॉल एंटी वायरस को समय-समय पर अपडेट भी करना होगा। एंटी वायरस को अपडेट करने के लिए आपको अपने डिवाइस के नोटिफिकेसन टैब को चेक करना होगा कि इसमें कोई अपडेट का मैसेज है कि नहीं। यदि आपको मैसेज नहीं दिखता है, तो मैनुअल तरीके से अपडेट के लिए चेक कीजिए। अपने सभी सिक्योरिटी प्रोडक्टस को अपडेट के लिए चेक करके उन्हें अपडेट कीजिए। अपडेट करने के बाद आपका डिवाइस पूरी तरह सिक्योर हो जाएगा और हैकर्स को इसे हैक करना काफी मुश्किल होगा।

एंटी वायरस काम कर रहा है कि नहीं, ऐसे करें टेस्ट

आपने अपने डिवाइस में एंटी वायरस तो इंस्टॉल कर लिया है और आपने उसे अपडेट भी कर लिया है लेकिन क्या यह काम कर रहा है कि नहीं इसे भी चेक कर लें। इसके लिए आपको एंटी-मैलवेयर टेस्टिंग स्टैंडर्ड ऑर्गेनाइजेशन की वेबसाइट पर जाकर सिक्योरिटी फीचर्स चेक करना होगा। यहां पर मौजूद अलग-अलग टेस्ट को रन करके देखें और रिजल्ट में आपको पता लग जाएगा कि आपका एंटी वायरस इफेक्टिव है कि नहीं। ये टेस्ट विभिन्न पहलूओं की जांच करता है।

VPN (वीपीएन) को वेरिफाई करने के स्टेप्स

कई यूजर्स अपने नेटवर्क कनेक्शन को और ज्यादा सिक्योर करने के लिए VPN (वीपीएन) यानी की वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क का इस्तेमाल करते हैं। यह आपके सामान्य इंटरनेट कनेक्शन को एनक्रिप्टेड कनेक्शन में बदलकर उसकी सुरक्षा करता है। आप अगर वीपीएन का इस्तेमाल कर रहे हैं तो आपको समय-समय पर यह चेक करना होगा कि आपका वीपीएन कहीं लीक तो नहीं कर रहा है। इसके लिए आपको अपने वीपीएन को ऑफ करना होगा और ब्राउजर में जाकर ‘व्हाट इज माई आईपी’ सर्च करना होगा। इसके बाद आपको वीपीएन ऑन करके कनेक्ट करना होगा। इसके बाद फिर से एक बार ‘व्हाट इज माई आईपी’ सर्च करें। दोनों बार आपको अलग-अलग आईपी दिखाई दिखेगा। अगर ऐसा है तो आपका वीपीएन सही है और लीक नहीं हो रहा है।


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