whatsapp

इंस्टैंट मैसेजिंग ऐप WhatsApp में एक नया फीचर आ रहा है जो फेक न्यूज और इन्फॉर्मेशन शेयर होने पर कुछ हद तक लगाम लगा सकता है. WABetainfo की एक रिपोर्ट के मुताबिक वॉट्सऐप लेबल फीचर को और बेहतर कर रही है. आपको बता दें कि फेक न्यूज से बचने के लिए वॉट्सऐप ने फॉर्वर्ड किए गए लिंक्स पर लेबल फीचर दिया था, यानी किसी फॉरवर्ड किए गए कॉन्टेंट पर लिखा होगा कि वो फॉरवर्ड किया गया है. 

टेक्नोलॉजी के लेटेस्ट न्यूज जानने के लिए यह पेज लाइक और शेयर करे 
For the latest 
tech news and tips and tricks, follow TechGuruWeb on TwitterFacebookInstagram and subscribe to our YouTube channel.

अब कंपनी फॉरवर्ड किए गए मैसेज के लेबल को इंप्रूव करेगी. इसके तहत जो मैसेज ज्यादा मात्रा और तेजी से फॉरवर्ड हो रहे होंगे वहां Frequently Forwarded का लेबल देगी. ताकि जिन्हें वो मैसेज मिले वो ये समझ सकें कि ये फॉरवर्ड किया गया हुआ मैसेज है और इस पर भरोसा करने से पहले इसकी प्रमाणिकता की जांच कर लें. 

पढ़ें WhatsApp के को-फाउंडर का EXCLUSIVE इंटरव्यू

WhatsApp का ये फॉर्वर्डिंग फीचर यूजर्स को बताएगा कि कितनी बार वो मैसेज फॉरवर्ड हुआ है. यह जानकारी इंडिविजुअल चैट के मैसेज इनफो में होगा और ये सिर्फ सेंट मैसेज में होगा. अगर यूजर्स  को ये जानना है कि उनके द्वारा कितनी बार कोई मैसेज फॉरवर्ड किए गए हैं, उसे एक बार और फॉरवर्ड करना होगा और यहां से चेक कर सकेंगे. 

फ्रिक्वेंटली फॉर्वर्डेड फीचर की बात करें तो अगर यूजर्स  को चार बार से ज्यादा फॉरवर्ड किया हुआ मैसेज मिलता है तो ये यूजर्स को स्पेशल मैसेज दिखेगा. इसके लिए वॉट्सऐप Forwarded Tag टॉप लेफ्ट कॉर्नर में दिखेगा. जाहिर है कंपनी का मकसद लोगों को ये बताना है कि ये मैसेज ज्यादा फॉर्वर्ड किया जा रहा है. ताकि फेक कॉन्टेंट को यूजर्स चेक कर सकें.  भारत में फेक न्यूज, गलत इनफॉर्मेशन और चाइल्ड पॉर्न को वॉट्सऐप पर शेयर करने से रोकने के लिए WhatsApp आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस बेस्ड टेक का यूज कर रही है जो इस तरह के कॉन्टेंट वाले प्रोफाइल को डिटेक्ट करता है और उसे डिलीट करता है. चूंकि वॉट्सऐप एंड टू एंड एन्क्रिप्टेड है, इसलिए मुमकिन नहीं है कि कोई ऑरिजिन का पता लगा सके कि फेक मैसेज कहां से सर्कुलेट किए जा रहे हैं.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here