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फेसबुक एक बार फिर अपनी सिक्यॉरिटी को लेकर विवादों में है। पिछले साल इसी वक्त कंपनी कैंब्रिज एनिलिटिका डेटा लीक मामले में फंसी थी। इस बार फेसबुक यूजर्स के पासवर्ड को लेकर चर्चा में है। क्रेब्स ऑन सिक्यॉरिटी के मुताबिक, फेसबुक ने हजारों लाख यूजर्स के पासवर्ड को प्लेन टेक्स्ट के रूप में स्टोर कर रखा है, जो आसानी से पढ़े जा सकते हैं। कंपनी में काम कर रहे जिन लोगों के पास फेसबुक की इंटरनल फाइल का ऐक्सेस है, वे इन पासवर्ड तक आसानी से पहुंच सकते हैं।

न्क्रिप्शन में गड़बड़ी का नतीजा
सुरक्षा के लिहाज से यूजर्स के पासवर्ड को एन्क्रिप्शन के जरिए सुरक्षित रखा जाता है। लेकिन एक एरर के कारण सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म फेसबुक और उससे जुड़े एप्स (खास तौर पर इंस्टाग्राम) के पासवर्ड ऐक्सेसिबल हो गए। इसे कंपनी के 20 हजार कर्मचारी आसानी से देख सकते हैं। क्रेब्स के मुताबिक, 20 करोड़ से 60 करोड़ के बीच फेसबुक यूजर्स इससे प्रभावित हुए हैं।

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फेसबुक ने भी की पुष्टि

फेसबुक ने ‘Keeping Passwords Secure’ नाम के एक ब्लॉग पोस्ट में इस बात की पुष्टि की है। कहा है कि कंपनी ने इस समस्या की पहचान जनवरी में ही कर ली थी। कंपनी ने कहा कि जल्द ही इस समस्या को फिक्स कर सभी यूजर्स को इसकी जानकारी दे दी जाएगी। फेसबुक के मुताबिक, ‘कोई भी ऐसे सबूत नहीं हैं कि प्लेट टेक्स पासवर्ड कंपनी के बाहर लीक हुए हैं या फिर उनका कंपनी के अंदर गलत इस्तेमाल किया गया है।’


बुरी सिक्यॉरिटी व्यवस्था
पासवर्ड लॉगिंग का ये सिलसिला कथित रूप से 2012 में शुरू हुआ था। फेसबुक की बुरी सिक्यॉरिटी व्यवस्था का ये एक नया उदाहरण है। इससे पहले पिछले साल अक्टूबर में एक हैकर के हाथ लगभग 2.9 करोड़ फेसबुक यूजर्स की पर्सनल इंफॉर्मेशन लगी थी। इसके बाद हैकर ने लगभग 81 हजार यूजर्स के प्राइवेट मैसेज में सेंध लगा दी और उनके डेटा को सेल के लिए रख दिया।


फेसबुक ने भी की पुष्टि
फेसबुक ने ‘Keeping Passwords Secure’ नाम के एक ब्लॉग पोस्ट में इस बात की पुष्टि की है। कहा है कि कंपनी ने इस समस्या की पहचान जनवरी में ही कर ली थी। कंपनी ने कहा कि जल्द ही इस समस्या को फिक्स कर सभी यूजर्स को इसकी जानकारी दे दी जाएगी। फेसबुक के मुताबिक, ‘कोई भी ऐसे सबूत नहीं हैं कि प्लेट टेक्स पासवर्ड कंपनी के बाहर लीक हुए हैं या फिर उनका कंपनी के अंदर गलत इस्तेमाल किया गया है।’


बुरी सिक्यॉरिटी व्यवस्था
पासवर्ड लॉगिंग का ये सिलसिला कथित रूप से 2012 में शुरू हुआ था। फेसबुक की बुरी सिक्यॉरिटी व्यवस्था का ये एक नया उदाहरण है। इससे पहले पिछले साल अक्टूबर में एक हैकर के हाथ लगभग 2.9 करोड़ फेसबुक यूजर्स की पर्सनल इंफॉर्मेशन लगी थी। इसके बाद हैकर ने लगभग 81 हजार यूजर्स के प्राइवेट मैसेज में सेंध लगा दी और उनके डेटा को सेल के लिए रख दिया।

…न हों परेशान
फेसबुक ने बताया कि इसलिए यूजर्स को परेशान होने की कोई जरूरत नहीं है, ना ही उन्हें पासवर्ड रिसेट करने की कोई आवश्यकता है। इस समस्या के कारण करोड़ों फेसबुक लाइट यूजर्स, एक करोड़ फेसबुक यूजर्स और लगभग 10 हजार इंस्टाग्राम यूजर्स प्रभावित हुए हैं। हालांकि इन सब के बावजूद पासवर्ड लीक होने की कोई जानकारी नहीं है।

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